इस फल को कहा जाता है फलों का राजा एक बार खेती कर बोरी भर होगी कमाई, जानिए कौनसा है ये फल

आज हम आपको एक ऐसे फल के बारेब में बताने जा रहे है जिसे कहते है फलों का राजा और एक बार खेती कर भर जाएँगी बोरी तो आइये जानते है इस फलों के राजा के बारे में

कौनसा है यह फल

इस फल का नाम स्‍ट्रॉबेरी है स्‍ट्रॉबेरी की खेती से आप कई गुना मुनाफा कमा सकते हैं क्‍योंकि बड़े शहरों में इसकी मांग और रेट, दोनों ही ज्‍यादा हैं. पहले पहाड़ी इलाकों जैसे नैनीताल, देहरादून, दार्जिलिंग और हिमाचल के कई जिलों में ही इसकी खेती की जाती थी। लेकिन, स्‍ट्रॉबेरी की खेती खेती मैदानी इलाकों में भी होने लगी है इसका कारण है कम लागत में अधिक मुनाफा। इसकी बढ़ती मांग के कारण ही पंजाब, हरियाणा और महाराष्‍ट्र जैसे मैदानी इलाकों में भी अब स्‍ट्रॉबेरी की खेती होने लगी है. 6 महीने में तैयार होने वाली स्‍ट्रॉबेरी की एक एकड़ फसल से 6 लाख रुपये तक मुनाफा लिया जा सकता है।

इस फल को कहा जाता है फलों का राजा एक बार खेती कर बोरी भर होगी कमाई

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कैसे करें स्‍ट्रॉबेरी की खेती?

स्‍ट्रॉबेरी की खेती किसी भी प्रकार की जमीन में की जा सकती है लेकिन स्‍ट्राबेरी की खेती के लिए बालुई दोमट मिट्टी सर्वोतम मानी जाती है। स्‍ट्रॉबेरी की खेती ऐसी जमीन पर नहीं करनी चाहिए जिसमें पानी खड़ा रहता हो। मैदानी इलाकों में स्‍ट्रॉबेरी लगाने का सही समय सितंबर के बाद है। अक्‍टूबर में ज्‍यादातर इसे लगाया जाता है।

ड्रिप इरिगेशन से होती है खेती

स्‍ट्रॉबेरी की खेती में पौधों को पानी देने के लिए ड्रिप इरिगेशन पद्ति का प्रयोग किया जाता है. इसका फायदा यह होता है कि प्‍लास्टिक सीट से कवर होने के कारण घास नहीं उगता और नमी देर तक बरकरार रहती है जिससे पानी की आवश्‍यकता कम होती है। भरपूर पैदावार लेने के लिए प्‍लास्टिक से मल्चिंग करके पौधे लगाने चाहिए. मल्चिंग का मतलब है कि पूरी मेड को प्‍लास्टिक से कवर किया जाता है और फिर उसमें जहां पौधा लगाना है वहां सुराख किया जाता है।

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